Indian Airforce: ग्रुप कैप्टेन, विंग कमांडर समेत स्क्वाड्रन लीडर बर्खास्त, ब्रह्मोस मिसाइल मिसफायर मामला

Indian Airforce: ग्रुप कैप्टेन, विंग कमांडर समेत स्क्वाड्रन लीडर बर्खास्त, ब्रह्मोस मिसाइल मिसफायर मामला

नई दिल्ली. 9 मार्च 2022 को ब्रह्मोस मिसाइल मिसफायर मामले में मुख्य रूप से वायुसेना के तीन अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया गया है. केंद्र सरकार द्वारा उनकी सेवाओं को तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया गया है. अधिकारियों की बर्खास्तगी के आदेश 23 अगस्त को ही दे दिए गए हैं. भारतीय वायु सेना (IAF) के एक अधिकारी ने बताया कि जिन अधिकारियों को सेवा से बर्खास्त किया गया है उनमें एक ग्रुप कैप्टन, एक विंग कमांडर और एक स्क्वाड्रन लीडर शामिल हैं. दोषी अधिकारी मानक संचालन प्रक्रियाओं से भटक गए जिसके कारण मिसाइल की आकस्मिक फायरिंग हुई थी.
इंडियन एयरफोर्स हेडक्वार्टर (IAFHQ) ने कहा "कि ऐसी घटनाएं दोबारा न घटित हों और इसीलिए ड्यूटी के दौरान सभी कर्मियों द्वारा सभी मानक संचालन प्रक्रियाओं का पालन किया जाए. बता दें कि मिसाइल के गिरने के बाद पाकिस्तान ने इस घटना पर अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई थी. लेकिन उससे पूर्व ही भारत सरकार ने जांच के आदेश दे दिये थे

क्या था मामला?

पाकिस्तानी सेना के मीडिया विंग इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशन्स (ISPR) के DG मेजर जनरल बाबर इफ्तिखार ने घटना के दिन एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसका खुलासा किया। उन्होंने कहा-भारत की तरफ से जो चीज हमारे देश पर दागी गई, उसे आप सुपरसोनिक फ्लाइंग ऑब्जेक्ट या मिसाइल कह सकते हैं।

इसमें किसी तरह का हथियार या बारूद नहीं था। लिहाजा, किसी तरह की तबाही या जानमाल का नुकसान नहीं हुआ है। बाबर की प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले, पाकिस्तानी मीडिया में इस तरह की खबरें थीं कि भारत का कोई प्राइवेट एयरक्राफ्ट मियां चन्नू इलाके में क्रैश हुआ है। पाकिस्तानी फौज ने भी घटनास्थल को मुल्तान के पास मियां चन्नू ही बताया है.

कुशाग्र उपाध्याय