Kuno National Park: चीतो को छोड़ने पर विवाद, नाराज बिश्नोई समाज का धरना-प्रदर्शन शुरू; पीएम मोदी को लिखा पत्र
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी (PM Narendra Modi) के द्वारा अपने जन्मदिन पर मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के कूनो नेशनल पार्क (Kuno National Park) में नामीबिया (Namibia) से लाएगये चीतों को छोड़ने पर विवाद खड़ा हो गया है. जीवों की रक्षा के लिए सदैव आगे रहने वाले बिश्नोई समाज ने इस बात पर नाराजगी जताई है. इन चीतों की भूख मिटने के लिए चीतल और हिरणों को कूनो नेशनल पार्क में छोड़ा दिया गया है. इस कदम के खिलाफ बिश्नोई समाज के लोगो में गुस्सा है. इसी को लेकर बिश्नोई समाज के लोगों ने हरियाणा (Haryana) के फतेहाबाद (Fatehabad) में जिला कलेक्ट्रेट (District Collectorate) के बाहर धरना-प्रदर्शन कारन शुरू कर दिया है.
अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा (All India Bishnoi Mahasabha) के अध्यक्ष देवेंद्र बूड़िया (Devendra Boodia) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिख कर इस पर नाराजगी जताई है कि, मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में नामीबिया से लाए गए 8 चीतों की भूख मिटाने के लिए राजगढ़ (Rajghar) के जंगल से 181 चीतल श्योपुर भेजे गए हैं.
देवेंद्र बूड़िया ने पीएम मोदी को भेजे पत्र में लिखा है कि, भारत सरकार ने अपने नेतृत्व में नामीबिया से लाकर 8 चीतों को हिंदुस्तान के जंगलो में विलुप्त प्रजाति को पुनर्स्थापित करने के लिए छोड़ा है. लेकिन उनके भोजन के तौर पर चीतल, हिरण इत्यादि पशुओं को जंगल में छोड़ने से बिश्नाई समाज बहुत आहत है.
मोहम्मद अनवार खान
Sandhya Halchal News