IRAQ: शिया धर्मगुरु मुक्तदा अल-सद्र ने किया राजनीति छोड़ने का ऐलान, इराक में भड़की हिंसा 20 मरे
सियासी गतिरोध व उठापटक के चलते नाराज शिया धर्मगुरु मुक्तदा अल-सद्र (Muqtada al-sadr) ने सोमवार को राजनीति छोड़ने का ऐलान कर दिया। जिसके बाद उनके समर्थक राजधानी बगदाद (Baghdad) की सड़कों पर उतर आए, उनके इस ऐलान के तुरंत बाद इराकी सेना ने कर्फ्यू लगाया, जिसके बाद सुरक्षा बालों और समर्थकों के बीच कई हिंसक झड़पें भी हुईं। उनके राजनीती छोड़ने के ऐलान के बाद समर्थकों ने इराक के राष्ट्रपति भवन पर धावा बोल दिया, जिन्हे रोकने के लिए सुरक्षा बलों ने आसूं गैस के गोले भी दागे। बेकाबू भीड़ को देखते हुए सेना ने गोलियां भी चलायीं जिसमे करीब 20 लोगों की मौत हो गयी और 350 लोग घायल हो गए.
कौन हैं मुक्तदा अल-सद्र
मुक्तदा अल-सद्र पिछले दो दशकों से इराक के सार्वजनिक और राजनीतिक जीवन में एक प्रमुख व्यक्ति रहे हैं। उनकी मेहदी सेना (Mehdi Army) सबसे शक्तिशाली लड़ाकों में से एक के रूप में उभरी है, जिसने पूर्व शासक सद्दाम हुसैन (Saddam Hussain) को पछाड़ने वाले आक्रमण के बाद अमेरिका (US) और सहयोगी इराकी बलों से लड़ाई लड़ी। उनके लिए कहा जाता है की वे उन लोगों में से हैं जो कुछ ही समय में सैकड़ों समर्थकों को सड़क पर लाकर लामबंद करने और पीछे खींचने का माद्दा रखते हैं।
एक साल से चल रही राजनीतिक उथल पुथल
पिछले वर्ष अक्टूबर के महीने में हुए संसदीय चुनावों को मुक्तदा अल-सद्र की पार्टी ने सबसे अधिक 73 सीटें जीती थीं, लेकिन फिर भी उनकी पार्टी बहुमत से काफी दूर रह गयी थी. उन्होंने ईरान (Iran) का समर्थन कर रही शिया प्रतिद्वंदी पार्टी से भी बातचीत करने से इंकार कर दिया था, जिसके फलस्वरूप वहाँ राजनीतिक अस्थिरता शुरू हो गयी, जिसके बाद न तो वहां कोई मंत्रिमंडल बना और न ही कोई प्रधानमंत्री।
कुशाग्र उपाध्याय
Sandhya Halchal News