दलित छात्र के पानी पीने पर टीचर ने पीट-पीट कर किया अधमरा: इलाज के दौरान मौत
आज एक तरफ़ जहां पूरा देश, आज़ादी के 75 साल पूरे होने का जश्न मना रहा हैं तो वही दूसरी ओर देश के एक हिस्से से हैवानियत की हदें पार करने वाली खबर सामने आयी है। राजस्थान (Rajasthan) के जालोर (Jalore) जिले में 9 साल के तीसरी क्लास के दलित छात्र को महज़ मटके से पानी पीने पर अध्यापक ने इतना पीटा कि छात्र अधमरा हो गया, और इलाज के दौरान मासूम की जान चली गई। घटना को देखते हुए तुरंत पुलिस ने अध्यापक को गिरफ्तार किया व कार्यवाही जारी हैं।
राजस्थान (Rajasthan) के जालोर (Jalore) ज़िले के सायला थाना क्षेत्र के सुराणा गांव में मृतक छात्र 'इंद्र कुमार' सरस्वती विद्या मंदिर में तीसरी क्लास में पढ़ता था। वह 20 जुलाई को स्कूल गया जहां प्यास लगने पर उसने पास रखे घड़े से पानी लेकर पी लिया। जानकारी के अनुसार वो घड़ा टीचर (Teacher) छैल सिंह का था जिससे कोई भी पानी नहीं पी सकता था।
परिजनों का आरोप है कि छात्र के पानी पीने के बाद आरोपी ने छात्र को जातिसूचक शब्द कह कर अपमानित किया और बेरहमी से पीटा। जिससे की छात्र के दाहिने कान और आंख में अंदरूनी चोटें आई जिसके बाद अहमदाबाद के सिविल अस्पताल में इलाज के दौरान 13 अगस्त को उसने दम तोड़ दिया।
घटना के बाद टीचर को गिरफ्तार कर लिया गया है जहां पुलिस ने एससी-एसटी एक्ट (SC/ST Act) और धारा 302 में मामला दर्ज किया है। वहीं घटना को लेकर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी गहरा दुख जताते हुए मृतक के परिजनों को 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि मुख्यमंत्री सहायता कोष से देने का ऐलान किया है।
इस घटना के सामने आने के बाद पूरे देश भर में आक्रोश हैं। मामले को लेकर मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी ने एक जांच कमेटी का गठन किया है जिसमें पंचायत प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी (PEEO) अशोक कुमार दवे और प्रतापराम को जांच दी गई है।
महिमा शर्मा
Sandhya Halchal News