Gonda: गौशाला में भूखे प्यासे पशु व मृत पड़ा गौवंश, ग्राउंड ज़ीरो से चेक की गयी रियल्टी

Gonda: गौशाला में भूखे प्यासे पशु व मृत पड़ा गौवंश, ग्राउंड ज़ीरो से चेक की गयी रियल्टी


एक ऐसा गौशाला (Gaushala) जहां गौवंशो को केवल पानी देकर जीवित रखा जाता है, मृत पशुओं (Animals) को कोई देखने वाला नही. गोंडा (Gonda) ज़िले का एक ऐसा गौशाला (Gaushala) है जहां तालाब तो है लेकिन पानी नही, भूसा घर है लेकिन भूसा नही है, गौशाला है लेकिन कोई देखभाल करने वाला नही है, गौशाला (Gaushala) में मृत गौवंशो को कोई हटाने वाला नही है. जी हां यह सही है ऐली परसौली बाढ़ क्षेत्र का कवरेज कर वापस आते समय पीडी बंधे के किनारे सेमरी कला गौआश्रय केंद्र का जब ग्राउंड जीरो से रियल्टी चेक किया गया तो यह समस्या सामने आयी. विशाल काय गौशाला (Gaushala) में दोपहर समय सवा बजे एक भी कर्मी नही था. काफी आवाज देने पर एक आदमी आया तो उसने बताया कि "सभी घर गए है मैं यहां हवा पानी खा रहा हूँ".

आपको बता दें कि कुछ समय बाद वह भी गायब हो गया. गौशाला (Gaushala) में सैकड़ो गौवंश तो थे, लेकिन भूसा घर में दो तीन बोरा भूसा ही दिख रहा था, जो तालाब था वह सूखा था, लेकिन हौज में कुछ पानी ज़रूर था. सारे गौवंश नाद के किनारे बैठे थे सभी के पेट घुसे हुए, नाद में भूसे का एक कड़ भी नही था. इन्ही गौवंशो के बीच एक मृत पशु पड़ा था, जिसे पक्षी नोच नोच कर खा रहे थे. इस सम्बन्ध में मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी रविंद्र सिंह राठौर (Ravindra Singh Rathod) ने बताया कि "पानी पाइप से डाला जाता है. भूसा कम था आज पहुच जाएगा, मृत पशु का निस्तारण करा दिया गया है।"

कैलाश नाथ वर्मा