सपा कार्यकर्ताओ ने कोरोना प्रोटोकॉल की उड़ाई धज्जियां: कई बड़े नेता भी थे शामिल

सपा कार्यकर्ताओ ने कोरोना प्रोटोकॉल की उड़ाई धज्जियां: कई बड़े नेता भी थे शामिल

आचार संहिता के दौरान समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओ ने कोविड -19 मानदंडों का उल्लंघन करते हुए, कोरोना प्रोटोकॉल की धज्जीयां उड़ा दी.

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव की उपस्थिति में पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य और धर्म सिंह सैनी, के साथ पांच भाजपा विधायकों और अपना दल (सोनेलाल) के साथ 2500 कार्यकर्ता कार्यक्रम में शामिल हुए थे.  

जिसके बाद राजधानी लखनऊ के गौतम पल्ली थाने के थाना प्रभारी को बीते शुक्रवार को निलंबित कर दिया गया और साथ ही दो वरिष्ठ अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया, शुक्रवार को समाजवादी पार्टी के कार्यालय में कोविड -19 मानदंडों का उल्लंघन करते हुए, कोरोना प्रोटोकॉल की धज्जीयां उड़ा दी गयी. 

वहीं गौतम पल्ली पुलिस स्टेशन के सब इंस्पेक्टर द्वारा शिकायत करने पर 2,500 अज्ञात समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गयी है।

आपको बता दे की SHO दिनेश सिंह बिष्ट को निलंबित कर दिया गया है, और ACP अखिलेश सिंह और सिटी मजिस्ट्रेट गोविंद मौर्य से कोरोना वायरस दिशानिर्देशों का पालन न कराने के लिए जवाबतलब किया गया है।

सब इंस्पेक्टर अजय कुमार सिंह की शिकायत पर भारतीय दंड संहिता की धारा, निर्देशों का उल्लंघन करने के लिए धारा 188, बीमारी का संक्रमण फैलाने के लिए धारा 269, संक्रमण फैलाकर दूसरों की जान खतरे में डालने के लिए धारा 270 और गलत तरीके से संयम बरतने के लिए धारा 341, के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है. दर्ज प्राथमिकी में आपदा प्रबंधन अधिनियम और महामारी रोग अधिनियम के तहत भी मामला दर्ज किया गया हैं।

सब-इंस्पेक्टर अजय कुमार सिंह ने आरोप लगाते हुए बताया कि 2000 से 2500 सपा कार्यकर्ताओं ने पार्टी मुख्यालय के पास अव्यवस्थित ढंग से सड़क जाम कर दिया और अवैध रूप से सभा का आयोजन किया गया. शिकायत में आगे यह भी कहा गया कि सपा कार्यकर्ताओं को बार बार लाउडस्पीकर के जरिये भीड़ और वाहनों को हटाने के लिए कहा गया लेकिन सपा कार्यकर्ताओ पर कोई असर नहीं हुआ.

आपको बता दे की सैकड़ों पार्टी कार्यकर्ता सपा कार्यालय में जमा हुए थे, जिनमें से अधिकांश ने मास्क नहीं पहना था। जिला प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों की एक टीम वहां गई थी, लखनऊ के जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश से मामले में की जा रही कार्रवाई के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने बताया की ''कानून के मुताबिक कार्रवाई की जा रही है.''

वही दूसरी ओर चुनाव आयोग ने कोविड के मामलों में ताजा उछाल का हवाला देते हुए, पांच मतदान वाले राज्यों में 15 जनवरी तक सार्वजनिक रैलियों, रोड शो और कॉर्नर मीटिंग पर प्रतिबंध लगाया था, और कड़े सुरक्षा नियम जारी करते हुए आयोग ने चुनाव प्रचार के लिए 16-सूत्रीय दिशानिर्देशों को सूचीबद्ध किया था। 

बीते शनिवार को समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष ने कहा कि कोरोना नियमो का उलंघन करने वाले सभी 2500 कार्यकर्ताओ पर एफआईआर दर्ज करी जाए।

अब देखना यह हैं की इनमे कितने बड़े नेता शामिल है और क्या उन बड़े नेताओ पर भी कार्रवाई की जाएगी।

मोहम्मद शारिक सिद्दीकी