Russia Ukraine war: भारत ने सुरक्षा परिषद में किया रूस के खिलाफ वोट, पहली बार उठाया ऐसा कदम

Russia Ukraine war: भारत ने सुरक्षा परिषद में किया रूस के खिलाफ वोट, पहली बार उठाया ऐसा कदम

नई दिल्ली: रूस (Russia) ने जब आर्मी ऑपरेशन के जरिए 24 फरवरी को यूक्रेन (Ukraine) पर अटैक किया तभी से सारी दुनिया की नज़र भारत पर टिकी हुई थी, क्योंकि भारत रूस का सोवियत यूनियन के समय से ही मुख्य सहयोगी रहा है, विशेषकर अमेरिका (America) और नाटो (NATO) को शिकायत थी कि भारत इसका विरोध क्यों नहीं करता। रूस-यूक्रेन के बीच छिड़े इस युद्ध ने भारत को अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीति में अपनी एक अलग पहचान बनाने का मौका दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi), राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल (Ajit Doval) और विदेश मंत्री एस जयशंकर (S.Jaishankar) ने हमारी स्थिति को दुनिया के सामने एक अलग ढंग से रखा। हमने जता दिया कि 1971 के युद्ध से लेकर आजतक रूस ने जो दोस्ती निभाई है उसे भुलाया नहीं जा सकता। यही वजह है की दुनिया ने जब रूसी तेल और गैस का बहिष्कार किया तब भारत ने बेझिझक आगे आकर रूस से तेल खरीदा, लेकिन एक वजह यह भी थी कि रूस हमें सस्ते में तेल दे रहा था। भारत ने पश्चिमी देशों को अहसास कराया था कि भारत राष्ट्रहित के फैसले लेने के लिए स्वतंत्र है। इस बीच UNSC में भारत ने कभी भी रूस के खिलाफ वोटिंग नहीं की थी, लेकिन कल संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत ने यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लादिमीर ज़ेलेन्स्की (Vladimir Zelensky) के भाषण दिए जाने के पक्ष में वोट किया।

अंतराष्ट्रीय कूटनीति है वजह 

आपको बताते चले कि रूस के खिलाफ इस वोट की वजह अंतराष्ट्रीय कूटनीति है। ये एक औपचारिकता थी, जिसमें रूस ने प्रस्ताव दिया था कि यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लादिमीर जेलेंस्की को सुरक्षा परिषद में ऑनलाइन भाषण देने से रोका जाए। इस पर वोटिंग का फैसला लिया गया। 13 देशों के साथ भारत ने भी इस प्रस्ताव का विरोध किया। भारत का कहना था की हर किसी को अपनी बात रखने का पूरा अधिकार  है.

कुशाग्र उपाध्याय