जेल से निकलते ही लगायी सरकार को ललकार: बोले-
बीते शनिवार को जेल से छूटने के बाद अपने गढ़ पहुंचते ही अब्दुल्ला आज़म ने बताया की मेरे पिता आजम खां की जान को खतरा है। अब्दुल्ला आज़म ने आगे कहा कि जितना ज़ुल्म हो सकता था, वो हुआ। आज भी मेरे वालिद की जान को खतरा है। अगर उनको कुछ हुआ तो मौजूदा सरकार और जेल प्रशासन ज़िम्मेदार होगा। आगे सीधे सरकार पर निशाना साधते हुए अब्दुल्ला आज़म ने कहा की चित्रकूट जेल में क्या हुआ। यूपी की बाकी जेलों में क्या हो रहा है। सरकार ने इलाज में नौ दिन देरी क्यों कराई।
अब्दुल्ला आज़म आगे बोले कि ये चुनाव अवाम बनाम सरकार होगा। प्रदेश में कानून व्यवस्था बहुत ही लचर है। रामपुर वालों की हड्डियां तोड़ने और भैंस और बकरी चोरी के आरोप में जेल भेजने के लिए पुलिस है, और पुलिस के इंस्पेक्टर गैंग रेप में पकड़े जाते हैं। उन्होंने कहा कि 8 बाई 10 की कोठरी, जिसमें दो फुट का टॉयलट था, उसमे रहते है। आज मेरे पिता जेल में बंद हैं जो बेगुनाह है, वो एक ऐसे मुकदमे में जेल में है, जिसमे सात लोग अग्रिम जमानत पर बाहर है। एक अकेले मेरे पिता जेल में हैं.
अब्दुल्ला ने कहा कि सरकार कोविड प्रोटोकॉल के नाम पर शोषण कर रही है। घर तक पर लोग नहीं आ सकते है। हमारे साथ जितनी ज़्यादती हो सकती थी हुई। और जो रह गई है वो भी कर लो।
अब्दुल्ला आज़म ने कहा कि जेल से निकला था तो कोई मेरी मोहब्बत में मुझे लेने आता है तो मैं मना नहीं कर सकता। मेरे साथ कोई काफिला नही था,और कोई कोविड प्रोटोकॉल का कोई उलंघन नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि इस मंडल में मौजूदा अधिकारियों के होते निष्पक्ष चुनाव नहीं हो सकता। चुनाव आयोग को स्वयं संज्ञान लेना चाहिए।
अब्दुल्ला ने कहा कि कहावत है कि डूबती हुई नाव से सब भागते हैं। भाजपा ने उनके साथ जो सुलूक किया है, वो दुनिया जानती है।
मोहम्मद शारिक सिद्दीकी
Sandhya Halchal News