पंजाब में हुई मतदान टालने की मांग: मांग पर होगी चुनाव आयोग की बैठक
पंजाब विधानसभा चुनाव की तारीख को आगे बढ़ाने की मांग के बीच सोमवार को चुनाव आयोग की बैठक होगी। निर्वाचन आयोग सोमवार सुबह होने वाली बैठक में पंजाब के सियासी दलों की उस मांग पर विचार-विमर्श करेंगे जिसमे गुरु रविदास जयंती को ध्यान में रखकर 14 फरवरी को विधानसभा चुनाव के लिए प्रस्तावित मतदान को टालने की विनती की है। निर्वाचन आयोग से पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने 6 दिन के लिए मतदान को टालने की विनती की है। इस तरह का अनुरोध बीजेपी और बसपा समित अन्य पार्टियों ने भी एक चरण में प्रस्तावित मतदान को टालने के लिए किया।
राजनितिक पार्टियों का मानना है कि रविदास जयंती मनाने के लिए जो लाखो श्रद्धालु उत्तर प्रदेश के वाराणसी जाते है वे मतदान नहीं कर पाएंगे। 16 फरवरी को इस साल गुरु रविदास जयंती पड़ रही है। बताया जा रहा है सोमवार को इस मांग पर निर्वाचन आयोग चर्चा करेगी और दोपहर तक इस मामले को लेकर चुनाव आयोग से ऐलान भी संभव है।
रविवार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त को बीजेपी की पंजाब इकाई के महासचिव सुभाष शर्मा ने एक पत्र में चुनाव की तारीख आगे बढ़ाने की मांग करते हुए लिखा, ''राज्य में अनुसूचित जाति (एससी) समुदाय सहित गुरु रविदास जी के अनुयायियों की अच्छी खासी आबादी है, जो पंजाब की आबादी का लगभग 32 प्रतिशत है।'' शर्मा ने लिखा है, ''इस पावन अवसर पर लाखों श्रद्धालु उत्तर प्रदेश के बनारस में गुरुपर्व मनाने के लिए जाएंगे। इस कारण से उनके लिए मतदान प्रक्रिया में भाग लेना संभव नहीं होगा। इसलिए आप सभी से अनुरोध है कि मतदान की तिथि को आगे बढ़ाया जाए ताकि पंजाब के ये मतदाता चुनाव प्रक्रिया में भाग ले सकें।''
मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने मतदान की तारीख 6 दिन आगे बढ़ाने की मांग की जिससे अनुसूचित जाति के 20 लाख लोग राज्य विधानसभा चुनाव में अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकें। सबसे पहले मतदान की तारीख आगे बढ़ाने की मांग बसपा की पंजाब इकाई के प्रमुख जसवीर सिंह गढ़ी ने की थी। 14 के जगह 20 फरवरी को मतदान करने की विनती की। 14 फरवरी को पंजाब की 117 विधानसभा सीटों के लिए मतदान और मतगणना 10 मार्च को होगी।
हेमलता बिष्ट
Sandhya Halchal News