Libya: दो वर्षों बाद फिर से दहक उठा लीबिया, खूनी हिंसा में 32 लोगों की मौत 159 घायल

Libya: दो वर्षों बाद फिर से दहक उठा लीबिया, खूनी हिंसा में 32 लोगों की मौत 159 घायल

लीबिया (Libya) की राजधानी ट्रिपोली (Tripoli) में 2020 में हुए सीज़फायर के बाद अब ट्रिपोली सरकार काे हटाने के लिए हुए संघर्ष में शनिवार को संसद समर्थित 32 लोग मारे गए और 159 घायल हो गए अलग-अलग इलाकों से करीब 64 लोगों को बचाया गया। शहर में जगह जगह जाम लगा रहा और सड़के मोटर वाहनों से भरी मिलीं, शनिवार को हुई हिंसा के बाद लोग घर के बाहर टूटे कांच और अन्य मलबे को हटाते हुए दिखे। वहीँ दूसरी तरफ लीबिया के प्रधानमंत्री अब्दुल हामिद देइबाह (Abdul Hamid Deibah) की सरकार ने दावा किया कि यह झड़प उस वक्त शुरू हुई जब एक मिलिशिया ने दुसरे पर गोली चलायी। हालांकि, ये भी आशंका जताई जा रही है कि ट्रिपोली में हुई हिंसा व गोलीबारी प्रधानमंत्री देइबाह और उनके प्रतिद्वंद्वी फैथी बशागा (Fathy Bashaga) के बीच चल रहे सत्ता संघर्ष का नतीजा हो.

दो वर्षों के बाद शुरू हुआ खूनी खेल 

ठीक दो वर्ष पहले अमेरिकी दखल ने लीबिया में लम्बे समय से चल रहे संघर्ष को एक सीज़फायर के साथ शांत करा दिया था. लीबिया के तानाशाह कर्नल मुअम्मर गद्दाफी (Colonel Muammar Gaddafi) के तख्तापलट व हत्या के बाद से ही लीबिया अराजकता में डूबा हुआ है, इसमें कई सशस्त्र समूह और विदेशी शक्तियां अपना अपना हित साध रहीं हैं.

सत्ता पाने की होड़ में हुई हिंसा 

यह हिंसा उस वक़्त शुरू हुई जब प्रधानमंत्री अब्दुल हामिद देइबाह ने अपने पद से इस्तीफ़ा देने से इंकार कर दिया। अब हिंसा के बाद आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी शुरू हो चूका है, बाशाघा ने प्रधानमंत्री अब्दुल हामिद देइबाह पर अवैध रूप से प्रशासन चलाने और सत्ता के मोह में तानाशाही करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।


कुशाग्र उपाध्याय