Fatehpur: मुस्लिम बंदियो ने रखा शारदीय नवरात्र का व्रत, बंदियो ने कहा- राष्ट्र की एकता और अखंडता के लिए रखा व्रत
कारागार में सांप्रदायिक सद्भाव की अनूठी मिसाल (Unique Example) पेश करते हुए जिला कारागार फतेहपुर में निरुद्ध हिंदू बंदियो (Hindu Prisoners) के साथ कई मुस्लिम बंदियों (Muslim Prisoners) ने भी अपनी स्वेच्छा से शारदीय नवरात्र (Sharadiya Navratri) के व्रत रखकर सांप्रदायिक सद्भाव की अनूठी मिसाल पेश कर रहे हैं। सभी व्रत रखने वाले बंदियो की खानपान एवं पूजन सामग्री की व्यवस्था जिला कारागार प्रशासन (District Prison Administration) द्वारा की जा रही है। व्रती बंदियों को प्रतिदिन आधा किलो उबला आलू, दूध, चीनी व केला दिया जाता है। जिला कारागार में करीब 1600 बंदी निरुद्ध है। जिनमें लगभग 548 बंदियों द्वारा व्रत रखा गया है इनमें सात मुस्लिम बंदी भी शामिल है जो हिंदू बंदियों के साथ पूजा पाठ में सहयोग करते हैं।
जेल अधीक्षक मोहम्मद अकरम खान (Mohd Akram Khan) ने बताया कि जेल में सामाजिक सद्भावना और सांप्रदायिक सौहार्द की एक अनूठी मिसाल दिखाई देती है। जिस तरह रमजान (Ramadan) के महीने में कुछ हिंदू बंदी रोजा रखते हैं उसी तरह से नवदुर्गा व्रत (Navdurga Vrat) के समय मुस्लिम बंदी भी व्रत रख रहे हैं। सभी बड़े प्रेम और भाईचारे के साथ रहते हैं और एक दूसरे को पूजा-पाठ, नमाज-कुरान पाठ में पूरा सहयोग करते हैं। इन सभी बंदियों को नियमानुसार व्रत के लिए सारी सुविधाएं दी जा रही हैं।
नवरात्र (Navratri) का व्रत रखे हुए मुस्लिम बंदियो ने बताया कि राष्ट्र की एकता और अखंडता के लिए स्वेच्छा से व्रत रखा है और पूजा-पाठ भजन कीर्तन में भी हिंदू भाइयों के साथ सम्मिलित होते हैं और हिंदू बंदी भी रमजान में रोजा रखकर नमाज अदा करते है।
जतिन द्विवेदी
Sandhya Halchal News