निरंतर खबरे :

पूर्व न्याय मंत्री व विधायक ने छात्राओं को किया सम्मानित| प्राथमिक विद्यालय अस्ती के बच्चों ने किया जागरूक| वीरागंना झलकारी बाई की मनाई 190वीं जयंती | सपा संरक्षक मुलायम सिंह का मनाया जन्मदिन, काटा केक| छोटे किसानों का धान केंद्र में नहीं खरीदा जा रहाः रामदत्त मिश्रा| आवारा पशुओं द्वारा फसलों का नुकसान किए जाने पर चर्चा | शाहाबाद ब्लाक प्रमुख के जेठ नलिन गुप्ता की कार टैक्ट्रर ट्राली में जा घुसी,बाल बाल बचे| मुलायम के जन्मदिन पर 2022 में सपा की सरकार बनाने का लिया संकल्प| राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने मिशन शक्ति अभियान के तहत मनाया रानी लक्ष्मी बाई का जन्म दिवस।| शाहबाद लेखपाल संघ का चुनाव निर्विरोध संपन्न, नरेन्द्र बने पुनःअध्यक्ष| बीआरसी पर रानी लक्ष्मी बाई को दीप प्रज्वलित कर याद किया गया| ग्राम पंचायत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए आजिविका मिशन की हुई बैठक| शाहाबाद कोतवाली में तैनात कांस्टेबल अमित कुमार, राहुल कुमार को एसपी अनुराग वत्स ने किया सम्मानित| महिला सुरक्षा और यातायात नियमों के प्रति किया जागरूक| छात्राओं को बताये सुरक्षा के गुर| सपा नौजवान सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का राष्ट्रीय सचिव ने किया स्वागत| वृद्ध जरूरतमंद विकलांगो को भोजन लईया गट्टा पट्टी मोमबत्ती मिठाई का वितरण | भ्रष्टाचार के विरुद्ध गुलाबी गैंग लोकतान्त्रिक नें किया प्रदर्शन| मीना मंच सुगमकर्ता कार्य योजना की बैठक| प्रशासन और संभ्रांत जनों के बीच संवाद जरूरी |

घर पर सेलिब्रिटी जैसी नहीं लगती: कृति सैनन



मुंबई - अभिनेत्री कृति सैनन के लिए यह साल मिले-जुले अनुभव लेकर आया। जहां उनकी फिल्म ‘लुकाछुपी’ बॉक्स ऑफिस पर सफल रही, वहीं फिल्म ‘अर्जुन पटियाला’ को बहुत अच्छी प्रतिक्रिया नहीं मिली। पर कृति इन नतीजों से बहुत प्रभावित नजर नहीं आ रही हैं। वह बॉक्स ऑफिस के नतीजों की परवाह किए बिना अपने किरदारों में विविधता बनाए रखना चाहती हैं। आगामी फिल्म ‘पानीपत’ एक पीरियड ड्रामा फिल्म है। वहीं फिल्म ‘हाउसफुल 4’ कॉमेडी है। इन विविध फिल्मों पर वह कहती हैं, ‘बतौर एक्टर, फिल्मों के चयन में एक संतुलन बनाकर रखना जरूरी होता है। ऐसा न करने पर आप एक तरह की फिल्मों तक सीमित रह जाते हैं और आप पर एक विशेष तरह के एक्टर होने का ठप्पा लग जाता है। 
एक्टर को हर तरह के दर्शकों की पसंद के हिसाब से फिल्में करनी चाहिए। मैं अपनी तरफ से पूरी कोशिश करती हूं कि यह संतुलन बनाकर रखूं। हमेशा बेहतरीन किरदार मिलना मुश्किल होता है। कभी लगता है, अरे यार, इतनी अच्छी स्क्रिप्ट का प्रस्ताव तो मेरे पास पहले कभी नहीं आया। और कभी लगता है, किरदार बहुत दिलचस्प तो नहीं है, पर कर लेती हूं। हमेशा दमदार किरदार का इंतजार तो नहीं करती रह सकती। वैसे भी, किसी फिल्म में काम करने की कोई एक वजह नहीं होती। उसकी कई वजहें हो सकती हैं, जैसे शानदार स्क्रिप्ट, शानदार टीम आदि। हमेशा शानदार रोल ही अहम नहीं होता। 
साल 2017 में रिलीज फिल्म ‘बरेली की बर्फी’ ने उनकी तकदीर ही बदल दी। इस फिल्म ने कृति से जुड़े कई मिथक तोड़े। वह बताती हैं,‘कई लोगों को इस बात पर संदेह था कि मैं छोटे शहर की लड़की बिट्टी का किरदार निभा पाऊंगी या नहीं। पर जब मैंने इस किरदार को निभाया, तो उन्होंने मेरा एक अलग ही अंदाज देखा। मेरी इमेज हमेशा से एक ग्लैमरस अभिनेत्री की रही है। पर मुझे पता है कि मैं हूं तो दिल्ली की एक साधारण मिडिल क्लास लड़की ही। घर पर मैं कभी भी सेलिब्रिटी जैसी नहीं दिखती। मेरी मां को तो कभी-कभार हैरत होती है कि मैं हीरोइन कैसे बन गई।

Comments